डॉ. राजेश्वर सिंह
विधायक (सरोजनी नगर, लखनऊ) • पूर्व संयुक्त निदेशक (प्रवर्तन निदेशालय) • पूर्व पुलिस उपाधीक्षक • राष्ट्रपति वीरता पदक विजेता
शैक्षणिक योग्यता (Academic Credentials)
- B.Tech Mining Engineering: IIT Dhanbad (1991-1996)
- Intermediate: Colvin Talukdars' College, Lucknow
- High School: Lady Fatima School, Aligarh
- M.A. Sociology: 2003 (Social Scientific Police Reform)
- Ph.D. (Human Rights): 2011 (Police & Social Justice)
- Bachelor of Laws (LL.B.): 2018
प्रारंभिक जीवन एवं पारिवारिक संस्कार
डॉ. राजेश्वर सिंह का जन्म 11 मार्च 1973 को लखनऊ में स्वर्गीय श्री रण बहादुर सिंह एवं श्रीमती तारा सिंह के परिवार में हुआ। उनके पिता श्री रण बहादुर सिंह भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के वरिष्ठ अधिकारी एवं डीआईजी पद से सेवानिवृत्त हुए। पिता को उनकी असाधारण सेवाओं के लिए राष्ट्रपति के वीरता पदक एवं विशिष्ट पुलिस पदक से अलंकृत किया गया था। पिता की कर्तव्यनिष्ठा और शुचिता ने डॉ. सिंह के व्यक्तित्व को गहराई से गढ़ा।
उत्तर प्रदेश पुलिस सेवा एवं अपराध नियंत्रण (1998-2007)
प्रांतीय पुलिस सेवा में चयन के बाद डॉ. सिंह को लखनऊ के गोमती नगर में प्रथम तैनाती मिली। उन्होंने बीट प्रणाली और मुखबिर तंत्र को आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस से जोड़कर संगठित अपराध के विरुद्ध निर्णायक अभियान चलाया।
प्रवर्तन निदेशालय (ED) - संयुक्त निदेशक, लखनऊ जोन (2007-2022)
2007 में प्रवर्तन निदेशालय में प्रतिनियुक्ति पर आए और 2014 में माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेशानुसार स्थायी संविलियन हुआ। लगभग 15 वर्षों के सेवाकाल में उन्होंने देश के सबसे बड़े वित्तीय घोटालों (2G स्पेक्ट्रम, अगस्ता वेस्टलैंड, एयरसेल मैक्सिस, आम्रपाली घोटाला) की जांच की।
विधायक, सरोजनी नगर - जनसेवा का नया आयाम (2022-वर्तमान)
2022 में वीआरएस लेने के उपरांत सरोजनी नगर विधानसभा से ऐतिहासिक जनादेश प्राप्त कर विधायक बने। उन्होंने क्षेत्र में तारा शक्ति केंद्र (महिला स्वावलंबन), डिजिटल लाइब्रेरी, खेलकूद लीग, राम रथ निःशुल्क अयोध्या यात्रा और पारदर्शी जन संवाद की शुरुआत कर विकास का नया मॉडल स्थापित किया।